Mulakaat
14 Apr 2026कल शाम मयखाने में, खुद से मुलाकात हुई
बड़े अरसे बाद, खुल के बात हुई
बोला यार, तुम कुछ बदल से गए हो
कुछ कहने से पहले जैसे संभल से गए हो
पहले मुश्किलों में हंसते थे, अब ज़रा मुश्किल से हंसते हो
औरों की खुश रखते हो, खुद पर बरसते हो
वक्त-ए-मुलाकात खत्म हुआ मयखाना जब बंद हुआ
खुद से ये वादा कर आया हूं जल्द मिलेंगे ये कह आया हूँ